![]() |
सर्वर
व डेस्कटॉप दोनों के लिए
उपयोग-में-सहज एक मित्रवत लिनक्स संचालन तंत्र, जो कि सम्पूर्ण विश्व में
अनेकों भाषाओं में उपलब्ध है ।
|
| मैनड्रैकलिनक्स द्वारा 'लिनक्स में हिन्दी, हिन्दी में लिनक्स' के उपयोग के अनुभवों को साझा करने हेतु कटिबद्ध एक वेब-स्थल | |
पीछे |
|| जीने की कला - अपनी निराशा से स्वंय कैसे बचें ? || | आगे |
| मुख्य पॄष्ट |
8. अपनी निराशा से स्वंय कैसे बचें ?निराशा कभी अकेले नहीं होती है । हमेशा दूसरे के साथ होगी
। कोई ठोस वजह जरूर होगी । जब हम किसी से अपना सम्बन्ध बनाते है और वो
सम्बन्ध मन के माफ़िक न बनें, तो हमें निराशा होती है । संसार के बड़े-बड़े स्नायू मंड़लीय चिकित्सक कहते है कि जब
निराशा उत्पन्न होती है तब मनुष्य के मन के अन्दर, एक ऐसी भाग्यवादिता
पैदा हो जाती है कि उसे अपना जीवन भारी प्रतीत होता है । इसलिए अपने
स्वास्थ व भले के लिए निराशाओं से बचें । निराशा हमेशा दूसरों के प्रति
होती है । निराशा जब हमें स्वंय अपने प्रति से होने लगती है, तब
हमें कोई नहीं बचा सकता है । इसलिए डाक्टरों का कहना है कि अगर हम अपनी
निराशाओं को ठीक से समझ लें तो हम कार्यों में अधिक-से-अधिक सफ़ल हो सकते
है । निराशाऐं तब होती है, जब हमारी कोई इच्छा पूरी न हों,
आँकाक्षाऐं अधूरी रह जायें, हम किसी कार्य में असफ़ल रह जायें या जब हमारा
कोई प्रिय बन्धु छोड़ कर चला जायें या मर जायें । इस समय हमें यह सोचना
चाहिए कि इन चीजों के साथ, हमने इतना घना समबन्ध जोड़ रक्खा था कि उसमें
रूकावट आयी और हम निराशा हुए । हम निराशा ईश्वर की तरफ़ से एक संदेश है कि जो कुछ हो रहा
है उसमें मनुष्य़ का लाभ है । ईश्वर तुम्हारे लिए कोई दूसरी भलाई चाहता है
। निराशा से न डरें और ना ही मन को उदास करें, बल्कि जब हमें निराशा आयें,
तो हमें उनका परीक्षण करना चाहिए तथा सोचना चाहिए कि ये क्यों आयी और अब
हमें क्या करना चाहिए? निराशा के बारे में कभी हिम्मत नहीं छोड़ना चाहिए । आपको
अपना रास्ता खुद ढ़ुढ़ना होगा । Disappoint से बदल कर Hisappoint कर लेना चाहिए ।
मै जो कुछ भी करता हूँ, ईश्वर उसमें मेरा मार्गदर्शक है । निराशा से बचने का
तरीका, हर व्यक्ति के साथ प्यार रखें ।
|
|||
|---|---|---|---|---|
| मैनड्रैकलिनक्स हिन्दी में | ||||
| हिन्दी | ||||
| यूनिकोड | ||||
| फ़ॉन्ट | ||||
| संपादक | ||||
| ओपरा हिन्दी में | ||||
| पीओऐडिट हिन्दी में | ||||
| डब्लूएक्सविण्डो हिन्दी में | ||||
| जीने की कला | ||||
| हिन्दी के समूह और चिठ्ठे | ||||
| आभार | ||||
| सम्पर्क | ||||
एक आग्रह![]() |
||||
इस
वेब-स्थल का निर्माण मौजिल्ला-कम्पोजर
द्वारा किया गया है तथा हिन्दी संस्मरण ![]() |
![]() |
![]() |
|
![]() |
![]() |