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पॄष्ट |
4.
अपने व्यक्तित्त्व को आकर्षक कैसे बनायें ?
भौतिक उपाय
- आपका खुशमिजाज चेहरा होना चाहिए ।
- आपका स्वभाव व चेहरा मुस्कराता हुआ होना चाहिए ।
- खुशी को अपने चेहरे पर ऐसे उगायें जैसे खेत में बीज
बोया जाता है ।
- अपकी माँसपेशियों में जो कड़ापन है, जिसकी वजह से आप
तनाव में रहते है, उसको ढीला कर लें । इसके लिए रिलैक्सेशन-प्रक्रिया को
करें । मसल्स को ढीला करें अर्थात्त जमीन को जोतें ।
जो खुशियाँ आपके जीवन में आयी है, उनको गिनें, उनको लिखें
।
सूरज की किरणों के साथ-साथ, हर घंटे पर आपको मिले हुए आशीर्वादों को गिनें
। एक सफ़ेद कागज लें और उस पर लिखें
मै ईश्वर को धन्यवाद देता हूँ क्योंकि मै मजबूत हूँ, मै
चल सकता हूँ, मै अपनी कलम चला रहा हूँ, .................................
दूसरी सूची बनायें और सोचें कि मेरे आँखे है, मेरे हाथ
है, मेरे कान है, इत्यादि ....................... अर्थात्त धन्यवादयुक्त
होना सीखें । मै भारत जैसे देश में पैदा हुआ हूँ । मेरे सिर पर छ्त है ।
मेरे माता-पिता, नाना-नानी, दादी-बाबा, बेटा-बेटी इत्यादि है । सूची को
बनायें और सोचें कि मेरे पास कितनी चीजें है ?
- कभी-कभी प्राकृतिक दॄश्यों को देखने की चेष्टा करें ।
- बरसात में भीगें ।
- प्रकॄति का आनन्द उठाने का प्रयास करें ।
- कभी-कभी किसी व्यक्ति के साथ ऐसा भलाई का काम करें
जिसकी वह उम्मीद भी ना करता हो ।
- नहाते समय कोई खुशी का गीत जरूर गायें ।
अंतःकरण के उपाय
- हंसी-खुशी के विचार अपने मन में सोचें ।
- शीशे के सामने खड़ें हो जायें और अपनी तस्वीर को देखें
और हमेशा दया के विचार अपने मन में लायें ।
- रात को सोने के पहिले बोलें : हे ईश्वर! आपकी की
सुन्दरता मेरे पर पड़ें ।
- जब आप घर से निकलें तो सोचकर निकलें कि आप के अन्तर
में जो प्रकाश है वो आप के व्यक्तित्व से प्रकाशित होता है । (यहाँ पर
सुन्दरता से तात्पर्य प्राकॄतिक सुन्दरता का है ।)
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